School love story in Hindi (प्यार का इंतज़ार)

 

School love story in Hindi (प्यार का इंतज़ार)
School love story in Hindi (प्यार का इंतज़ार)

School love story in Hindi

कहानी – प्यार का इंतज़ार

जून-जुलाई का महिना था. मैं अपने कुछ दोस्तों का इंतज़ार करते हुए एक छोटे से रेलवे प्लेटफोर्म पर बैठा था. काफी देर हो गयी पर दोस्तों का न तो फ़ोन आया और न ही ओ फ़ोन करने पर कोई रिस्पांस कर रहे थे. मन में ये बार-बार बिचार आ रहा था उनका इंतज़ार करू या न करू. हल्की रिमझिम बरसात होने लगी. मैं अपनी छतरी खोल कर एक बगल खड़ा हो गया. उसी वक़्त प्लेटफोर्म पर ट्रेन आकर रुकती है. बस मैं एक टक वहां पर हो रहे हर चहल-पहल को निहार रहा था. एक-एक करके सारे यात्री ट्रेन से नीचे उतरते हैं. लगभग सारे लोग ट्रेन से उतर चुके होते हैं. अब मैं भी सोच लिया मुझे भी यहाँ से चलना चाहिए. उसी समय ट्रेन से एक परी जैसी खूबसूरत लड़की अपना सामान लेकर उतरती है. और पानी में भीगते हुए भागकर मेरी छतरी में आ जाती है. मैं बस एक टक उसकी तरफ देखता रहा.

परी#आप मुझे बाहर रिक्शे तक छोड़ देंगे?

अमन#हाँ?

परी#मैं आपसे बात कर रही हूँ. आप मुझे बाहर रिक्शे तक छोड़ देंगे?

अमन#जी... हाँ छोड़ दूंगा. चलिए.

अमन परी के साथ रेलवे स्टेशन से बाहर आता है.

परी#प्लीज! आप मेरे लिए रिक्शा बुला दीजिये.

उसी समय मेरे सारे दोस्त आ जाते हैं.

अजय#अमन! अरे यार कब से हम तुझे प्लेटफोर्म पर लताश कर रहे थे, तू था कहाँ?

अमन#बस यार मैं भी तो प्लेटफोर्म के एक कोने इंतज़ार करते खड़ा था. फिलहाल रुक मैं रिक्शा बुला देता हूँ पहले इन मैडम के लिए.

सारे दोस्तों की नजर उस लड़की पर पड़ती है. सारे उसे सिर्फ देखते रह जाते हैं. मैं उस लड़की के लिए रिक्शा बुलाकर लाता हूँ और ओ उस रिक्शे में बैठ चली जाती हैं.

रोहन#यार क्या मस्त लड़की थी.

अजय#हां यार, उसे देखकर मेरा दिल अभी भी धकधक कर रहा है. यार अमन ओ कौन थी?

रोहन#उसका नाम क्या है?

अमन#मुझे कुछ नहीं पता.

अजय#क्या?

अमन#हाँ मुझे ओ तो प्लेटफोर्म पर मिली.

अजय#तूने उसका नाम भी नहीं पूँछा?

अमन#नहीं.

रोहन#छिट यार, तू हमेशा ऐसा ही करता है. चल अभी यहाँ से अगर लेट हो गए तो हॉस्टल में एंट्री भी नहीं मिलेगी.

हम सभी वहां से हॉस्टल चले जाते हैं.

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हॉस्टल के कमरे में हम चार लोग लेटे हुए होते हैं, शायद सभी गहरी नींद में सो रहे हैं क्युकि सभी की आँखे बंद हैं, पर मैं अभी भी जग रहा हूँ. मैं जब भी अपनी आँखें बंद करता सिर्फ उस लड़की का चेहरा हर बार मेरे सामने होता. मैं सिर्फ और सिर्फ उसी के बारे में सोच रहा था. न जाने मुझे क्या हो गया था आज पहली बार किसी लड़की को देखने के बाद ऐसा महसूस हो रहा था. बस बिस्तर पर करवट बदलते कब सुबह हो गयी कुछ समझ नहीं आया.

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मैं अपने दोस्तों के साथ क्लास में बैठा होता हूँ. टीचर ब्लैक बोर्ड पर मैथ पढ़ा रहे होते हैं. और फिर क्लास के डोर पर एक आवाज़ आती है.

परी#सर, मे आय कम इन?

टीचर#शोर. न्यू एड्मिसन?

परी#यस सर.

और मेरी नजर उस लड़की पर पड़ती है, अरे वाह! ये तो वही लड़की है जो मुझे रेलवे प्लेटफोर्म पर मिली थी. क्लास के सभी मनचलों की निगाहें उस लड़की पर फेविकोल कि तरह चिपक जाती है. बस ओ क्लास के पहली रो में मेरे बेंच पर मेरे साथ बैठ गयी. और एक बार मैं फिर उसके चेहरे की ओर निहारता रह गया.

टीचर#अमन? अमन!

अमन#यस सर, सॉरी सर.

टीचर#अमन इसका कॉलेज में न्यू एड्मिसन हुआ है. इसे अपनी नोट दे देना चैप्टर कम्पलीट करने के लिए. आई होप, तुम इसकी मदद करोगे.

अमन#जी सर.

टीचर#गुड.

और क्लास की बेल बजती है, सभी क्लास से निकल जाते हैं. मैं और ओ लड़की भी साथ निकलते हैं. मैं सोच ही रहा था उससे कुछ बात छेडू दोस्ती करने के लिए. पहले उसने ही बोला दिया.

परी#मुझे तुम्हारा चेहरा कुछ जाना पहचाना सा लग रहा है, खैर छोडो, तुम्हारा नाम क्या है?

अमन#मेरा नाम अमन है और हम यहाँ से पहले मिल चुके हैं.

परी#क्या ?

अमन#हाँ. कल तुम्हे रेलवे प्लेटफोर्म पर जो छतरी को शेयर करने में हेल्प किया था, ओ मैं ही हूँ.

परी#ओ सॉरी मैं पहचान ही नहीं सकी. तो तुम मेरी मदद ले लिए ऑलवेज टकरा रहे हो. सो थैंक्स.

अपने गोरे हाथो को मेरी तरफ बढ़ा देती है. आज से पहले मैंने कभी भी किसी लड़की से हाथ नहीं मिलाया था. आज मुझे मन ही मन बहुत ख़ुशी हो रही है. उसके हाथो को छूते ही मेरे शरीर में एक लहर सी दौड़ गयी. आज मैंने पहली बार किसी लड़की से दोस्ती वाला हाथ मिलाया है.

परी#आज से हम दोस्त हो गए.

अमन#आप ने अपना नाम नहीं बताया?

परी#ओ! मेरा नाम परी है.

अमन#आप सिर्फ नाम की ही परी नहीं, आप तो सच में परी जैसी हैं.

परी#ये आप-आप क्या लगा रखा है. सिर्फ परी कहो.

उसी वक़्त मेरे और दोस्त भी आ जाते हैं.

अजय#अरे ये आप को, सिर्फ आप ही कहेंगा. क्यों की इसे आप कहने कि बिमारी है.

इसी बात पर परी जोर से खिलखिला कर हँसती है. उसकी तरह देखते हुए मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं किसी देवी के दर्शन कर रहा हूँ. सारा माहौल हैप्पी वाला था. अब न पढाई की टेंसन थी और न ही एग्जाम का.

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धीरे-धीरे समय बीतता चला गया. मार्च एंड का टाइम था. एग्जाम का टाइम करीब था. आज भी मैं परी से उसी तरह मितला-जुलता था जैसे हम पहले दिन मिले थे. कहने को मैं क्लास का टोपर था पर क्लास में सबसे ज्यादा फेमस परी थी. क्लास के मनचले उससे दोस्ती को तरसते थे और क्लास की लड़कियाँ उसे देख जलती थी. यहाँ पर मैं सच में बड़ा लकी था जो मेरी दोस्त परी थी. लेकिन फिर भी मैं उसे अपने मन की बात कभी कह नहीं पाया. अब क्या बताऊँ दोस्तों मैं उसे मन ही मन चाहने लगा था. और बस एग्जाम ख़त्म हो और मुझे कोई नौकरी मिल जाए तो मैं अपना घर परी के साथ बसा लूँ.

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लो अब तो एग्जाम भी बीत गए. आज हॉस्टल से घर जाने का आखरी दिन था. मैं अपने कमरे में बैठा कुछ सोच रहा था तभी परी मेरे पास अपना बैग लेकर आई.

परी#क्या सोच रहे हो?

अमन#कुछ नहीं, बस अब तो कॉलेज लाइफ कट गयी. इसके बाद जॉब की तलाश करनी है. और...

परी#बस बस बस... फिर शादी, बच्चे और बहुत कुछ. बस करो यार. आज हम बिछड़ रहे हैं. तुम मुझे याद करोगे न?

उसका इमोशनल चेहरा मैं सिर्फ देखता रहा. उसकी गहरी आँखों में आँसू थे. उसने अपना चेहरा मेरे गाल के गरीब लाइ और मेरे गालो पर एक किस कर दी. और मेरे सीने से लग कर कहा.

परी#कुछ कहना चाहते हो?

और मैं काँपते ओंठे से कहा...

अमन#हैप्पी जर्नी.

उसने अपना सामान उठाया और चली गयी. आज ओ अपने घर जा रही है और मैं भी आज रात की ट्रेन से अपने घर चला जाऊँगा. मैं आज अपने आपको दुनिया का सबसे लकी और अनलकी दोनों आदमी मान रहा था. एक तरफ मुझे परी का प्यार मिला, दूसरी ओर मैं उसे आई लव यूतक न कह सका. शायद जो ओ मुझसे उम्मीद लगाए बैठी थी.

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मैं अपने घर आ गया. पिता जी स्कूल मास्टरी से रिटायर होने वाले थे. दो छोटी बहनों का बोझ मुझ पर आने वाला था. उनकी शादी का जिम्मा अब मुझे ही उठाना था. मैंने अपने कॉलेज में टॉप किया. कई दोस्तों के बधाई वाले फोन आये. और हाँ परी ने भी मुझे फेसबुक पर कमेंट कर बधाई दी. मुझे एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब मिल गयी. फिर क्या? अब तो बस दिन गुजर रहे थे. एक साल बीत गए. आज सन्डे का दिन था, ऑफिस में सुट्टी थी. घर पर बैठा टीवी देख रहा था. मेरे मोबाइल फोन पर एक रिंग बजती है. मैंने टेबल पर पडे मोबाइल को उठाकर देखा तो अननोन नंबर था. खैर मैंने कॉल रिसीव की...

अमन#हेलो?

परी#पहचान रहे हैं? 

अमन#कौन? मैं कुछ पहचान नहीं पाया.

परी#मैं परी बोल रही हूँ.

बस क्या अब तो मुझे सारी दुनिया की खुशियाँ मिल गयी. मन ही मन मैं बहुत खुश हुआ. उसने मुझे याद तो किया.

अमन#अरे हाँ परी बोलो? सॉरी मैं तुम्हे पहचान नहीं पाया. ओ क्या है न, तुमने बहुत दिन बाद फोन किया इसलिए.

परी#खैर कोई बात नहीं, मैं तुमसे मिलना चाहती हूँ.

हमारी बाते लम्बी चली. हमने अपने भूले-बिसरे सारे टाइम को याद किया. आप तो जानते ही हैं न जब दो पुराने दोस्त लम्बे समय के बाद मिलते हैं तो बातें थोड़ी सी ज्यादा हो जाती है. उसने फोन काट दिया और मिलने का टाइम एक हफ्ते बाद का फिक्स हुआ. मैं तो फूला नहीं समां रहा था, अब तो लाइफ सेट है. अच्छी नौकरी के बाद अब खूबसूरत परी से मैं अपने दिल की बात कह दूंगा और हमारी शादी हो जायेगी.

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आज परी से मिलने का दिन था. मैं शूट-बूट में तैयार हो रहा था. सच कह रहा हूँ लाइफ में पहली बार मैंने परफ्यूम का इस्तेमाल किया. मानो जैसे दूल्हा तैयार होता हो. मैं घर से निकला अपनी मंजिल की ओर रास्ते में मँहगा सा गुलदस्ता खरीदा और पहली बार मैं अपने शहर के स्टैण्डर्ड होटल में उसका इंतज़ार करने बैठ गया. समय तय हुआ था सुबह के दस बजे लेकिन जब मैं घडी देखा समय हो रहे थे सुबह के आठ. ओ तेरी दो घंटे इंतज़ार करने होंगे. मैं होटल के चेयर पर बैठा मन ही मन सोच रहा था आज मैं परी को ऐसे प्रपोज करूँगा की उसे अपने दिल कि बात सारी बता दूंगा. और ओ मान जायेगी. मेरी और परी की शादी होगी, बच्चे होंगे लेकिन कमबक्त न जाने कहाँ से बार-बार वेटर मेरे पास आता और कहता.

वेटर#सर, कुछ लाऊं आपके लिए.

अमन#अभी नहीं, कोई आने वाला है उसी का इंतज़ार कर रहा हूँ.

वेटर#लेकिन सर आप को यहाँ आये दो घंटे से ज्यादा हो गए.

अमन#अरे भाई थोडा सा इंतज़ार और कर लेने दो.

मुझे सामने गेट पर परी आते दिखी.

अमन#ये लो ओ आ रही है. तुम जाओ मैं थोड़ी देर में आर्डर करूँगा.

वेटर#ओके सर.

लेकिन ये क्या ये काला सा लड़का कौन है इसके साथ. शायद भाई होगा इसका. लेकिन ये तो इतनी गोरी और ये इतना काला इतना मिस मैच कुछ समझ नहीं आया. पर हो सकता है इसके बाप का रंग काला हो और इसकी मम्मी गोरी. ओ मेरे करीब आ गयी.

परी#हाय अमन!

अमन#हाय. कैसी हो?

परी#हैप्पी.

मैं बडे प्यार से गुलदस्ता परी के हाथ में दिया और बड़ा खुश हुआ.

अमन#बैठो न.

परी और ओ काला सा लड़का दोनों मेरे सामने वाले चेयर पर बैठ गए.

परी#पहले इनसे मिलो. इनका नाम जयेश है. और ये मेरे मंगेतर हैं. सॉरी मैं तुम्हे अपने सगाई में न बुला सकी, पर शादी में तुम्हे जरूर आना होगा.

बस ये सुनते ही मेरे कदमो के नीचे कि जमीन खिसक गयी.

जयेश#अरे भाई हम इतनी दूर से तुम्हे मिलने आये हैं. कुछ आर्डर नहीं करोगे.

अमन#हाँ हाँ जरूर करूँगा.

जयेश#भाई ये तुम्हारी तारीफ़ बहुत करती है. कहती है तुम बडे भोले-भाले इंसान हो. तुमने पढ़ाई में परी की बहुत मदद की थी.

परी ने वेटर को बुलाकर आर्डर किया. परी और जयेश बडे मजे से खाना खा रहे थे पर मेरे गले से एक निवाला भी नहीं जा रहा था और जाते-जाते बिल मेरे हाथो में थमा दिया और बोली.

परी#ये रहा हमारी शादी का कार्ड, हमारी शादी में जरूर आना.

दोनों उठकर चले गए और मैं उनकी शादी का कार्ड हाथ में लिए उनकी ओर देखता रह गया. मेरे सारे अरमानो पर पानी फिर गया. एक इंतज़ार ने परी को मेरे गरीब ला दिया था और इस दुसरे इंतज़ार ने मुझसे बहुत दूर भेज दिया.

समाप्त----

 

 


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